रविवार, 21 फ़रवरी 2021

खूबसूरत

चले जो आंधी वो तिनका तिनका 

बिखरे आसिया, गम नही हैं।


जो तोड़ दे मेरे हौसलो को  

अभी वो तूफाँ उठा नहीं है।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

#kkpbanaras

काश हमारे जज़्बात भी कोई छाप पाता!
काश हमारी फीलिंग्स के कोई स्टेटस बना पाता!
ख़ैर हमको पता है कि तुमसे, तुमसे और तुमसे भी ये न पाएगा।
हमारे ज़हरीले शब्द जीवन रूपी वृक्ष को झुलसाने के परिणाम निकले द्रव ही तो है।
हमने तो कइयों को लिखा है, हमें लिखने वाला कलम बनते-बनते रह गया।
न ही हमें आवश्यकता है किसी के शब्दों की और उसके शब्दों में सिमट जाने की।
#KkpBanaRas

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

फ़क़त दिल

फ़क़त मेरे दिल को मत निचोड़ियेगा,

प्रेम हो  घात हो या हो प्रहार

मेरा किरदार भी ख़ुद में पाक है।

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

इश्क़

ज़रूरी नहीं कि
हर हाल में इश्क़ जताया जाए,

कुछ पल के लिए
गिरे हुए ख़ुद को भी उठाया जाए।

इश्क़ है और रहेगा
ज़रूरी नहीं है कि इश्क़ जताया जाए।












शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

Happy New Year Post.

हर शख़्स में होती है अनेकों अच्छाइयाँ और थोड़ी सी बुराइयाँ। बुराईयाँ उसमें नहीं होती बल्कि उसके करतब हमें या समाज को पसन्द नहीं आते। अगर उसे लगता कि वो ग़लत है तो वो थोड़ी न वैसा करता।
उस शख़्स की तरह ये वर्ष 2020 समेटे हुए है अपने साथ कई यादें, कई अच्छाईयाँ, कई नए पाठ और मुश्किलों को आदतन सहज बनाने की तरक़ीब।
परख से भरपूर वर्ष तुमने शुरुआत होते ही इसने महसूस कराया कि तुम्हें मन से मजबूत रहना है केवल धन तुम्हारा साथ नहीं दे सकता।
मानवता के जड़ में जल सींचना कोई तुमसे सीखे ओ 2020 । तुमने खड़ा किया उन समर्थों को निःशक्तों के सम्मुख जिनका आसरा सम्पूर्ण रूप से आश्रित हो गया था। डगमगाते पाँव को स्थिर कदमों ने सहारा देने से खुद को पीछे नहीं हटाया। वाक़ई में तुमने बता दिया कि धन हम फिरसे अर्जित कर सकते हैं लेकिन मानव संसाधन नहीं।
मेरी निजिगत जीवन में भी यह वर्ष नए बने हाईवे की तरह आया और जीवन को सुगंधित बगीचों के राह पर ले गया।
मेरा जीवन एकदम से इत्र की तरह सुगंधित हो गया है।
आशा करता हूँ तुम्हारे लिए भी यह वर्ष अच्छा रहा होगा और ईश्वर से कामना है कि नया वर्ष भी तुम्हें सुकून दे।
Happy New Year.
#KkpBanaRas

डिअर दिसंबर

ये दिसंबर तो अब तलक रुका है तुमने ही साथ छोड़ दिया! शायद प्रेम का ताल सूख गया होगा पर वक़्त से पहले कैसे? हो सकता है अश्रुओं के ताल मौसमी रिवा...