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बुधवार, 28 अप्रैल 2021

भीड़

भीड़ में कुचले जाने से बेहतर है
निकल जाना उस भीड़ से।
चाहे सड़क पर हो 
या दिल में बसे लोगों की।
'कृष्णा'

डिअर दिसंबर

ये दिसंबर तो अब तलक रुका है तुमने ही साथ छोड़ दिया! शायद प्रेम का ताल सूख गया होगा पर वक़्त से पहले कैसे? हो सकता है अश्रुओं के ताल मौसमी रिवा...